श्री हरि विष्णु। देवशयानी एकादशी 17 जुलाई से शुरू हो रही है और 12 नवंबर तक भगवान श्री हरि विष्णु चातुर्मास करेंगे, यानी वे योग निद्रा में जा रहे हैं। भगवान श्री हरि 118 दिन की अपनी शयननिद्रा में रहेंगे। जिसके चलते अब शुभ मुहूर्त कार्यों पर 118 दिन के लिए विराम लग रहा है और 17 जुलाई से मांगलिक कार्य का बंद हो जाएंगे।
शुरू होंगे तीज त्यौहार
भगवान के चातुर्मास पर जाने के बाद अब तीज-त्यौहार की धूम रहेगी। संतो के सानिध्य में धर्म आराधनाएं यानी पूजा पाठ शुरू होंगे। शिव मंदिरों में आस्था का सैलाब उमड़ेगा। ज्योतिष विद्रों के अनुसार गत वर्ष चातुर्मास की अवधि 148 दिन की रही है और तकरीबन 5 माह का चातुर्मास रहा जबकि इस बार का चातुर्मास 118 दिन की अवधि का है, यह अवधि भगवान श्री विष्णु के शयनकाल का माना गया है। जिसके चलते इस अवधि में शुभ विवाह, उपनयन संस्कार, गृह प्रवेश सहित अन्य मांगलिक कार्य वर्जित माने गए हैं तो वही 17 जुलाई को देवशयानी एकादशी मनाई जाएगी और भगवान श्री हरि की पूजा अर्चना करके लोग देवशयानी एकादशी मनाएंगे।
चर्तुमास पर होगे ये पर्व
– 21 जुलाई को गुरु पूर्णिमा, 22 जुलाई से श्रावण माह, 23 जुलाई को मंगला गौरी व्रत।
– 4 अगस्त को हरियाली अमावस्या, 7 अगस्त को हरियाली तीज, 19 अगस्त को रक्षाबंधन, 26 अगस्त को कृष्ण जन्माष्टमी।
– 6 सितंबर को हरतालिका तीज, 7 सितंबर को गणेश चतुर्थी पर गणेश स्थापना, 18 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, 18 सितंबर से 16 दिनी श्रद्धा पक्ष,
– 2 अक्टूबर सर्वपितृ अमावस्या, 3 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र, 12 अक्टूबर को दशहरा, 16 अक्टूबर को शरद पूर्णिमा, 20 अक्टूबर को करवा चौथ, 31 अक्टूबर को दीपावली,
– 7 नवंबर को छठ पूजा।