ग्वालियर। ग्वालियर-चंबल अंचल के औद्योगिक विकास को लेकर हाल ही में उठाए गए सवालों के बीच केंद्र सरकार ने 300 करोड़ रुपये की लागत से ग्वालियर में टेलीकम्युनिकेशन पार्क स्थापित करने की योजना बनाई है। इसमें टेलीकम्युनिकेशन से जुड़ी कंपनियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जाएगा और उन्हें नई नीतियों के तहत रियायती दरों पर भूमि उपलब्ध कराई जाएगी।
मंत्रियों की नाराजगी या पहले से तय पटकथा?
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और सामाजिक न्याय मंत्री नारायण सिंह कुशवाह ने हाल ही में ग्वालियर-चंबल अंचल के औद्योगिक पिछड़ेपन को लेकर नाराजगी जताई थी। लेकिन अब टेलीकम्युनिकेशन पार्क की घोषणा के बाद यह संकेत मिल रहे हैं कि पूरी पटकथा पहले से ही तय थी, ताकि इसका श्रेय केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिल सके।
तेजी से हुई बैठक और निर्णय
मंत्रियों के बयान के तीन दिन बाद ही दिल्ली में केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने उद्योग विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, एमपीआईडीसी के एमडी चंद्रमौली शुक्ला और ग्वालियर क्षेत्रीय अधिकारी प्रतुल सिन्हा ने इस बैठक में हिस्सा लिया। बैठक में गुना और शिवपुरी जिले में 300 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया गया।
ग्वालियर को मिलेगा औद्योगिक बढ़ावा
टेलीकम्युनिकेशन पार्क की स्थापना से ग्वालियर-चंबल अंचल में औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।